उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा- करीब 40 हज़ार पत्रकार अपनी रोजी-रोटी खो चुके हैं

पत्रकारों से लेकर अधिवक्ताओं और शिक्षकों तक की समस्याओं पर किया सरकार का ध्यान केंद्रित

*(शिब्ली रामपुरी)* 

कांग्रेस के दिग्गज नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट की है जिसमें उन्होंने कहा है कि मैं अपने आवास पर सांकेतिक उपवास पर बैठा हूं. समाज में कुछ ऐसे रचनात्मक हिस्से हैं.जिनके बिना समाज अधूरा रहता है इनमें हमारे कलाकार भी हैं. हमारी सरकार ने उनके लिए कोष बनाया था वैसे ही पत्रकार बंधुओं से लेकर अधिवक्तागणों के लिए भी कोष बनाया गया था वह कोष आज काम आ सकता है.
पूर्व सीएम कहते हैं कि आज करीब चालीस हज़ार पत्रकार किसी ना किसी रूप में अपनी रोजी खो चुके हैं और यदि हम यह संख्या ग्रामीण स्तर पर ले तो यह संख्या बहुत अधिक हो सकती है. हरीश रावत कहते हैं कि कभी सोचा नहीं था कि कोरोना जैसी महामारी का दौर भी आएगा जिसमें भारी परेशानियों से गुजरने को मजबूर होना पड़ेगा. हरीश रावत के मुताबिक सौभाग्य से मेरी सरकार उत्तराखंड में पत्रकार कल्याण कोष का भी गठन करके गई है जिसमें हम काफी पैसा देते थे और राज्य सरकार उसमें कुछ और पैसा डाल कर के पत्रकारों की भी मदद कर सकती है. उत्तराखंड के पूर्व सीएम ने पत्रकारों के साथ-साथ अधिवक्ताओं से लेकर प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों की समस्याओं पर भी राज्य सरकार का ध्यान केंद्रित किया है. उनका कहना है कि जब तक कोरोना जैसी महामारी का संकट रहता है तब तक सरकार को पत्रकारों से लेकर अधिवक्ताओं और प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों की सहायता करनी चाहिए.