जिस नज़्म से फ़ेमस हुुए उस पर लग चुका है चोरी का आरोप, मुनव्वर राणा हमेशा से करते हैं ख़ुद को सुर्ख़ियों में रखने का प्रयास

           *(शिब्ली रामपुरी)* 

मुनव्वर राणा एक ऐसे शायर हैं जिनको अपनी शायरी के माध्यम से हर एक मुशायरे में खूब तारीफ मिलती है और उन्होंने मां के ऊपर काफी गजलें नज्में वगैरह भी लिखी हैं और उनके कई शेर भी काफी मशहूर हैं. लेकिन मुनव्वर राणा द्वारा हमेशा से यह प्रयास किया जाता रहा कि किस तरह से वह सुर्खियों में रहें और इसी को नजर में रखते हुए मुनव्वर राणा समय-समय पर अजीबोगरीब बयान देते रहते हैं. इतना ही नहीं मुनव्वर राणा जिस नज़्म मेरे हिस्से में मां आई से पूरी दुनिया में फेमस हुए उस पर चोरी का आरोप लग चुका है. दरअसल मुनव्वर राणा का यह शेर मेरे हिस्से में मां आई लोक श्रीवास्तव की अम्मा कविता से चुराया गया है जो कुछ इस तरह है
बाबूजी गुजरे आपस में सब चीजें तक्सीम हुई तब

मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से आई अम्मा
मुनव्वर राणा ने तोड़ मरोड़ कर लफ्जों में इस पंक्ति को कुछ युं कर दिया मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में मां आई

इस बात का खुलासा कुछ वक्त पहले डीडी न्यूज़ के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने एक ट्वीट से किया था. उन्होंने मुनव्वर राणा को संबोधित करते हुए लिखा था कि जवाब दीजिए राणा जी अन्यथा कोई अवार्ड बचा हो तो लौटा दीजिए.
मुनव्वर राणा उस समय भी काफी चर्चा में रहे थे जब उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी कहेंगे तो मैं उनका जूता भी उठा लूंगा. राणा ने अपने उस बयान के माध्यम से भी काफी सुर्खियां बटोरी थी. अब एक बार फिर मुनव्वर राणा ने यही प्रयास अपने एक विवादास्पद बयान से किया है. उनकी एक वीडियो वायरल हो रही है जिसमें वह किसी को इंटरव्यू देते हुए उलेमा और बड़े-बड़े कई मुस्लिम नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं. जिसके बाद से मुनव्वर राणा के खिलाफ उलेमाओं में गहरी नाराजगी फैल गई है और वह मुनव्वर राणा से माफी मांगने की मांग कर रहे हैं और इतना ही नहीं यदि मुनव्वर राणा माफी नहीं मांगते हैं तो सरकार से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की भी उलेमाओं की तरफ से मांग की जा रही है. वैसे तो मुनव्वर राणा हमेशा यह कहते रहे कि मुझे सत्ता और इनाम का कोई शौक नहीं है लेकिन शायद यह पूरी तरह से सच नहीं है और मुनव्वर राणा हमेशा अपने अजीबोगरीब बयानों से किसी ना किसी तरह मीडिया की सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं. जिसका उदाहरण उलेमाओं और कुछ नेताओं के खिलाफ हाल में दिया गया उनका बयान है. जिस पर नाराजगी जताई जा रही है. बहरहाल वैसे मुनव्वर राणा एक अच्छे शायर हैं और उनकी शायरी को काफी पसंद किया जाता रहा है.