विधानसभा अध्यक्ष कड़ा कदम, विधान सभा की नियुक्तियां रद्द सचिव को किया गया निलंबित

रिपोर्ट – शाइना परवीन

देहरादून: विधानसभा में बैकडोर भर्तियों के नाम पर अपने चहेतों को सरकारी नौकरी के चले आ रहे धंधे पर स्पीकर ऋतु खंडूरी ने करारा प्रहार कर दिया है। स्पीकर ने आज 2016 के बाद तदर्थवाद के नाम पर अपनों को विधानसभा में बैकडोर से भर्ती करने के स्पीकर रहते गोविंद सिंह कुंजवाल और प्रेमचंद अग्रवाल जैसों की दुकानदारी को बेनकाब कर दिया है। वरना स्पीकर की शक्तियों के नाम पर नौकरियों काली लूट होती रही है। स्पीकर ने एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट में पाया कि बैकडोर भर्तियों में न समान अवसर के सिद्धांत का पालन किया गया और न ही किसी तरह का विज्ञापन आदि सार्वजनिक किया गया ताकि सबको अवसर मिल पाता नौकरी के लिए आवेदन करने का। उपनल के तहत की गई 32 भर्तियों को भी अवैध पाकर निरस्त कर दिया गया। स्पीकर ऋतु खंडूरी भूषण ने विधानसभा के सचिव मुकेश सिंघल को भी दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है।

स्पीकर ऋतु खंडूरी ने कहा कि 2016 की 150 भर्तियां और 2020 तक की 6 भर्तियां तथा 2021 तक की 72 भर्ती निरस्त की जाती हैं।इन नियुक्तियों के लिए ना परीक्षा आयोजित की गई और ना ही किसी तरह की विज्ञप्ति ही जारी की गई। दरअसल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ही स्पीकर ऋतु खंडूरी भूषण से कमेटी बनाकर बैकडोर भर्ती कांड की जांच और एक्शन का अनुरोध किया था। गुरुवार को भी सीएम धामी ने कहा था कि गलत तरीके से की गई विधानसभा बैकडोर भर्तियों पर एक्शन होना चाहिए। आज स्पीकर ने बड़ा एक्शन कर दिया है। सवाल है कि जर्मनी में सैर सपाटा कर रहे मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल अब मंत्री पद से इस्तीफा देंगे या फिर ये एक्शन भी उन पर ऊपर वाले ही करेंगे? बड़ा सवाल विपक्ष की मुख्य पार्टी कांग्रेस के समक्ष भी है की क्या कुमाऊं के तथाकथित गांधी कहे जाने वाले गोविंद सिंह कुंजवाल के किए की माफी मांग उनको कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा? उम्मीद की जाए कि राहुल प्रियंका गांधी इस मुद्दे पर प्रदेश नेतृत्व से सवाल करेंगे?