जन्मदिवस – गुरुदत्त ने दिया था जमालुद्दीन क़ाज़ी को जॉनी वाकर नाम —

फिल्मों में आने से पहले बस में कंडक्टरी किया करते थे जॉनी वाकर
(शिब्ली रामपुरी)

11 नवंबर 1920 को इंदौर में जन्मे जॉनी वाकर का असली नाम बदरुद्दीन जमालुद्दीन काजी था. फिल्मी दुनिया में आने से पहले वह बस में कंडक्टरी किया करते थे और अलग ही अंदाज में वह कंडक्टरी का कार्य करते थे जो लोगों को अपनी और आकर्षित करता था. उनका मजाकिया अंदाज सबको लुभाता था. एक ऐसा भी दौर आया जब बड़े अभिनेताओं के साथ जॉनी वाकर को भी फिल्म की कामयाबी की गारंटी माना जाने लगा. बड़े बड़े निर्माता-निर्देशक उनको अपनी फिल्मों में लेने के लिए प्रयास करते थे क्योंकि उस वक्त यह समझा जाता था कि जिस फिल्म में जॉनी वाकर की कॉमेडी होगी वह फिल्म जरूर कामयाबी हासिल करेगी. बस में कंडक्टर की नौकरी करते वक्त सबसे पहले उनके लोगों को हंसाने के अंदाज पर बलराज साहनी की नजर पड़ी. बलराज साहनी ने जॉनी वाकर की तारीफ करते हुए गुरुदत्त से कहा कि वह उन्हें अपनी फिल्म के लिए साइन करें. 1951 में फिल्म बाजी में काम करने के बाद जॉनी वाकर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. जॉनी वाकर के बारे में यह कहना गलत नहीं होगा कि जहां वह लोगों को हंसाने की क्षमता रखते थे वहीं उनकी एक्टिंग भी लाजवाब थी और उन्होंने इसे ऋषिकेश मुखर्जी की मशहूर फिल्म आनंद में साबित भी किया. जॉनी वाकर ने कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाया लेकिन फिल्मों में वह जिस तरह शराबी की भूमिका करते थे वह काबिले तारीफ थी. गुरुदत्त ने ही बदरुद्दीन जमालुद्दीन क़ाज़ी की एक्टिंग देख कर उनको जॉनी वाकर नाम दिया था. बदरुद्दीन जमालुद्दीन काजी उर्फ जॉनी वाकर का निधन 29 जुलाई 2003 को हो गया था.